एहसास ....
एक ऐसी रात है...जब तुम मुझे बेहद याद आ रही हो..दिल कर रहा है तुम्हे कसकर अपने बाँहों में थाम लूँ...तुम मुझसे इतनी दूर हो..फिर भी ऐसा लग रहा है कि तुम मुझसे कभी अलग ही नही हुई ..मानो रूह के किसी कोने में चिपक कर बैठी हुई हो....ये अप्रैल और मई की ही तो बात थी जब तुम पिछले साल चुपके चुपके दिल में दस्तक दिए जा रही थी..उस वक़्त मुझे काफी हँसी आ रही थी, और हाँ काफी खुश भी था मैं..जैसे लगा दिल को कोई ख़ास चाहने वाली चीज़ मिल गई हो और शायद मुकद्दर चिल्ला चिल्ला कर कह रहा हो कि ..दोस्त तुम्हें मैं "जिंदगी " दे रहा हूँ ..मोहब्बत के एहसास को पिरोने के लिए किसी ने तीन शब्द बना दिए थे , पर उन लफ़्ज़ों से भी आगे निकल गयी थी हमारी कहानी । वो कितना खूबसूरत पल होता है जब आपके दिन की शुरआत किसी ख़ास आवाज से होती है...जब तुम मुझे अपनी प्यारी आवाज़ से जगाती थीं तो दिल करता था कि दुनिया की सारी मोहब्बत तुम पर उड़ेल दूँ, घर से दूर रह रहे किसी अजनबी से उसका हाल जानना,उसे प्यार करना ,डांटना,समझाना..ये छोटी छोटी बातें कुछ लोगों के लिए कितना मायने रखताहै ये तुम कभी नहीं समझ पाओगी ...दोस्त, जिंदगी में इतने ...