अधूरी कहानी .....

-सुनो ना ...तुमसे एक बात कहनी थी  ।
-हाँ बताओ
-अच्छा तुम्हारी स्टडी कैसी चल रही है ?
-हम्म ...सही चल रही है वैसे तुम ये तो नही
पूछने वाले थे , जो कहना चाहते हो वो भी
बता दो अब,

-नहीं नहीं ..मुझे बस यही पूछना था ,तुम कॉफी लोगी? (थोड़ा सामान्य दिखने की कोशिश करते हुए उसने पूछा )
- ओह्ह्ह  ....ये बात तो तुम अभी 10 बार पूछ चुके हो , फिर इसके लिए इतना सीरियस क्यों हो गए ?
मुझे कई बार लगा है कि तुम कुछ कहना चाहते हो ,पर
कहते नहीं हो ...सब ठीक तो है ना ?
-अरे हाँ  सब ठीक है....वो कहना ये था कि कि कि...... तुम्हारी वो वाली पिक बहुत अच्छी थी ...काफी क्यूट दिख रही थी तुम उसमे
 -अच्छा बस इतनी सी बात ...वैसे एक बात कहूँ , कभी कभी मुझे लगता है कि शादी के बाद तुम अपनी वाइफ से कैसे बात करोगे ...कितने शर्मीले हो तुम
 कॉफी की आख़िरी सिप समाप्त हो गई थी ,बातचीत का आख़िरी बहाना भी समाप्त हो चूका था
फिर दोनों  किसी बात पर ठहाके लगाते हुए निकल गए ...फिर एक बार अधूरी कहानी के साथ ।
कभी कभी मुझे लगता है की अधूरी कहानी की पूरी सच तुम ही हो तो हर बार तुम मुझसे से ही सबकुछ क्यों जानना चाहती हो ? हाँ मुझे तो शाहरुख़ ख़ान की एक इंटरव्यू वाली बात याद आ रही है कि दोस्ती कैसे की जाती है और उन्हें कायम कैसे रखा जाता है ये मुझे नहीं पता ,मैं लोगों से कभी कह नहीं पाता की मैं उनसे कितना प्यार करता हूँ......

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