मोहब्बत में सियासत अच्छी नहीं होती..........

सपने अक्सर टुट जाते हैं ,अपने अक्सर रूठ जाते हैं
मोहब्बत कि बहकी फ़िज़ा में दिवाने अक्सर लूट जाते हैं
कभी पाक़ मोहब्बत मत करना आशिक़ अक्सर रो देते हैं
जिंदगी में कुछ बनकर भी वो ,  सबकुछ अपना खो देते हैं
नाक़ाम मोहब्बत अक्सर एक शायर को जन्म दिलाती है
जब हर एक अफ़सना, एक परवाने कि याद दिलाती है
अब तो हर राह यहाँ पर लथपथ है खूनों कि बौछारो से
सच पूछो तो मेरे शब्द भी सुन्न हो गए दिवानो के चीत्कारों से
कत्ल हुए जज्बातों से पूछो कितना ये रुलाती है
सच्ची मोहब्बत अक्सर ही ,यूँ ही बहुत सताती है
अब ,मेरे हर शेर  पर अश्क मत बहाना ,हर निगाहें सच्ची नहीं होती
कभी नापाक मोहब्बत मत करना ,मोहब्बत में सियासत अच्छी नहीं होती

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